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Thursday, January 11, 2018

बोल दुग्गा माँ की जय (कोलकाता भ्रमण भाग 2)

कोलकाता से मंदार मणि बीच
अगले दिन हमें कोलकाता से मंदार मणि बीच जाना था. बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित दक्षिण बंगाल के जिला पूरबा मेदिनीपुर का एक खूबसूरत बीच है मंदारमणि. हालाँकि पहले यहाँ जंगल था लेकिन पर्यटकों की बढती आवाजाही ने इसे पर्यटक बीच में तब्दील कर दिया है. अगर आपको भी कुछ सुकून के पल बिताने हैं तो यहाँ ज़रूर आइये. कोलकाता से करीब 180 किलोमीटर दूर कोलकाता-दीघा के हरे भरे मार्ग से होते हुए हम लोग 4 घंटे का सफ़र तय करने के बाद मंदारमणि बीच रात में पहुँच गए. वैसे आप यहाँ सड़क और रेलमार्ग दोनों से पहुँच सकते हैं.
रास्ते भर बारिश हो रही बारिश ने केले, नारियल और सुपारी के पेड़ों पर से धूल को धो दिया था जिससे रास्ता और सुहावना हो गया था. रस्ते भर गपशप करते और सुन्दर नज़ारों का लुत्फ़ उठाते हुए हम लोग रात में करीब 7 बजे बीच पहुंचे. समुद्र की लहरों पर पड़ने वाली चाँद की रौशनी से समुद्री पानी में मौजूद फास्फोरस चांदी की तरह चमक रहा था, अद्भुत अकल्पनीय नज़ारा था. हमारी गाड़ी समुद्र की लहरों को छूती हुई रिसोर्ट पंहुची. हमारे ठहरने का इंतजाम सना बीच रिसोर्ट में था जो कि बहुत ही खूबसूरत था हाँ खाना बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता लेकिन बच्चों के लिए झूले, एक छोटा सा ज़ू, और स्वीमिंग पूल था जिसने खाने के अनुभव को भुला दिया था. हम लोग फारिग होकर और कुछ नाश्ता करके ठंडी लहरों और ताज़े नारियल पानी का आनंद लेने के लिए तट पर कुर्सी डाल कर बैठ गए
आप यहाँ बहुत सारी एक्टिविटीज़ जैसे सर्फिंग, जेड स्कींग, बनाना बोट राइड वगैरह भी कर सकते हैं. यह समुद्र तट भारत का सबसे लंबा ड्राइबेबल तट है जहाँ आप कार ड्राइव करते हुए तट का आनंद ले सकते हैं. समुद्र पर उड़ते पक्षी मन लुभावन दृश्य खींचते हैं ये ऐसा तट है जहाँ आप हैं शांति है और खूबसूरती है. शहर की भागमभाग से दूर आप यहाँ सुकून से हैं. समुद्र तट पर होने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त जैसे दिल के किसी कोने में बस जाता है. आप यहाँ सुबह शाम टहल सकते हैं लेकिन रात में बीच पर हजारों लाल केकड़ों का कब्ज़ा हो जाता है.

सी-फूड के शौकीनों के लिए मंदारमणि स्वर्ग है ताज़ा सी फ़ूड मिलता है. यहाँ  सीपियों से बनी जूलरी की शॉपिंग करनी है तो यहाँ यह ज्वेलरी बहुत फेमस है. हालाँकि यह लगभग सभी समुद्री तटों पर मिल जाती है. बीच पर घूमने के लिए आप बाइक या साइकिल किराए पर ले सकते हैं जून से फरवरी तक का महीना यहाँ आने के लिए सर्वोत्तम है क्योंकि मानसून के दौरान यहां की हरियाली और समुद्री लहरों का मजा लिया जा सकता है. बंगाल में ठण्ड कम ही पड़ती है तो उत्तर भारत में जब हाड़ कंपाने वाली ठण्ड हो तब आप दिसंबर-जनवरी में यहाँ आकर गर्मी व हलकी ठण्ड के मिलेजुले मौसम का मज़ा लीजिये. अक्टूबर में बंगाल की दुर्गा पूजा का मज़ा ही कुछ और है समुद्र तट दुर्गा पूजा का ब्लेंड आपको रिलीजियस भी रखेगा.
(शेष तीसरी और अंतिम क़िस्त में)