दीनो धरम हमारा दिलबर वतन हमारा,
महबूब है हमारा
हमको है जां से प्यारा,
ये देश है हमारा ये देश है हमारा,
नानक के इस चमन में नफरत की बोलियाँ क्यूँ,
बापू के इस वतन में हिंसा की गोलियां क्यूँ,
इंदिरा की सरज़मी पे ये खूं की होलियाँ क्यूँ,
हंसों की इस ज़मी पे गिद्धों की टोलियाँ क्यूँ,
देखो जला न डाले कोई ये घर हमारा,
हिन्दोस्तां हमारा हिन्दोस्तां हमारा,
ये गोरखा के नारे कश्मीर के शरारे,
नेपाल की फिजाएं आसाम के इशारे,
षड़यंत्र है ये सारा पूरा ना हो सकेगा,
इन चंद आंधीयों से सूरज नहीं बुझेगा,
भाषा अज़ीज़ हमको मज़हब भी अपना प्यारा,
लेकिन है सबसे पहले हिन्दोस्तां हमारा,
हिन्दोस्तां हमारा हिन्दोस्तां हमारा,
भारत महा महान है महान ही रहेगा,
सैंतालिस जैसा अब और ना बंटेगा,
सब भारती के बेटे इस पर जिए मरेंगे,
हम एक ही रहे थे हम एक ही रहेंगे,
हम एक ही रहे थे हम एक ही रहेंगे,


